अगले कुछ सालों में आदमी को साइबोर्स बनाने की तैयारी है
➤भविष्य में लोगों के शरीर और दिलो-दिमाग को हैक कर संसार के संपूर्ण मानव-संसाधन की हर गतिविधि को नियंत्रित कर अपने हिसाब से संचालित करने का दुष्चक्र तैयार है।
(फोटो―वेंगेलिया पांडेवा दिमित्रोवा 'बाबा वेंगा')
अपनी इन्द्रियातीत अनुभूतियों के आधार पर सटीक भविष्यवाणी करने वाली बुल्गारियाई महिला वेंगेलिया पांडेवा दिमित्रोवा जो ‘नास्त्रेदमस फ्रॉम द बाल्कन, लेडी नास्त्रेदमस और वॉलकाँस या बाबा वेंगा के नामों से विश्वविख्यात है, ने 1996 में 85 वर्ष की उम्र में अपनी मृत्यु से वर्षों पहले पूरी धरती पर रोबोट्स की फौज होगी, धरतीवासी कृत्रिम सूर्य बनाने में सफल हो जाएंगे, एलियंस की मदद से मनुष्य समुद्र की तलहटी में आवासीय बस्ती बना लेगा, टाइम ट्रैवल के जरिये दूसरे ग्रहों से सम्बंध बनेंगे, मनुष्य शुक्र ग्रह तक पहुंच जाएगा, मंगल पर पृथ्वीवासियों का भयानक युद्ध होगा और पृथ्वी पर एक नयी मानव सभ्यता का अभ्युदय होगा जैसी भविष्यवाणियों के साथ ही यह भी कहा था कि इंसान व रोबोट मिल जाएंगे जिन्हें ‘साइबोर्स’ कहा जायेगा। तो शायद वर्तमान मनुष्य उसके बहुत करीब पहुंच गया है।
जी हां, बिल्कुल यह सच होने जा रहा है। गूगल, फेसबुक तथा वीडियो गेम बनाने वाली कंपनियों सहित दुनिया की अनेक प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों ने इस काम में हजारों इंजीनियरों को लगा रखा है। कहा जा रहा है कि यह भविष्य की तकनीक है जो मौजूदा दुनिया को पूरी तरह से वर्चुअल बनाने की एक कोशिश है। इस योजना पर इस साल 10 अरब डॉलर की राशि खर्च करने जा रही फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग इस तकनीक को भविष्य बता चुके हैं और इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने फेसबुक को नया नाम 'मेटा' दिया है जो अंग्रेजी के Metamorphosis यानी 'कायाकल्प' का संक्षिप्तीकरण है। ऐसा क्यों किया गया, यह परीकथा आगे पढ़िये―
मार्क जुकरबर्ग द्वारा फेसबुक का नाम बदलकर मेटा करने के पीछे भविष्य पर गढ़ी उनकी नजर है। यह मेटावर्स नामक एक पेरेंट कंपनी का हिस्सा है जिसमें अभी फेसबुक,ह्वट्सऐप और इंस्टाग्राम हैं लेकिन आगे चलकर इसमें कंपनी के दूसरे प्लेटफॉर्म्स भी आएंगे।
मार्क इंटरनेट का भविष्य अपनी कंपनी मेटावर्स के जरिये देख रहे हैं जो वर्तमान से एकदम अलग एक नयी दुनिया होगी। वैसे होगी तो यह आभासी ही लेकिन समय बीतने के साथ ही यह आभासी दुनिया ही वास्तविक बनती जाएगी, जिसमें आप न सिर्फ दूरस्थ जीवित लोगों से बात कर पाएंगे बल्कि मृतकों से भी जिंदा लोगों की तरह बात कर पाएंगे। यह कोरी गप्प नहीं, हकीकत है।
CNN की एक खबर के अनुसार बिल गेट्स की कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने मरे हुए परिजनों तथा ज्ञात-अज्ञात लोगों और सेलेब्रिटीज से बातचीत करने में सक्षम एक नई चैटबोट का पेटेंट पिछले साल कराया है। इस चैटबोट में मृतकों के सोशल प्रोफाइल से डेटा लेकर फीड करके उसके आधार पर नया प्रोग्राम तैयार होगा। जिसके आधार पर न सिर्फ मरे हुए लोगों से बातचीत सम्भव होगी, बल्कि उस समानान्तर दुनिया में आप घूमने-फिरने, खेलने, लोगों से मिलने-जुलने, सामान खरीदने से लेकर वे सभी काम कर सकेंगे जो इस शरीर से प्रत्यक्ष तौर पर अभी कर रहे हैं। इसके लिए उनके वर्चुअल रियलिटी हेडसेट्स, ऑगमेंटेड रियलिटी ग्लासेस, स्मार्टफोन ऐप्स और अन्य डिवाइसों की जरूरत पड़ेगी।
अभी तक आप मोबाइल फोन पर वीडियो कॉल कर किसी जगह या अपने किसी पसंदीदा लाइव शो का आनंद ले सकते हैं, लेकिन मेटावर्स इससे काफी आगे की चीज है। इसमें आप डिजिटल क्लॉथिंग के जरिए एक वर्जुअल दुनिया में एंट्री कर लेंगे। यानी शारीरिक तौर पर आप अपने घर में हैं लेकिन आपका दिमाग खास डिजिटल उपकरणों की सहायता से वर्चुअल दुनिया में विचरण कर रहा होगा।
हालांकि इस तकनीक को पूरी तरह से विकसित होने में 10 से 15 साल लग सकते हैं क्योंकि यह अलग-अलग टेक्नोलॉजी का बड़ा-सा जाल है जिसे कोई एक कंपनी नहीं बना सकती। इसीलिए इस पर कई कंपनियां मिलकर काम कर रही हैं।
यदि गहराई से देखा जाये तो यह सारा प्रपंच न्यू वर्ल्ड ऑर्डर की अगली अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। जो भविष्य में लोगों के शरीर और दिलो-दिमाग को हैक कर संसार के संपूर्ण मानव-संसाधन की हर गतिविधि को नियंत्रित कर अपने हिसाब से संचालित करने का दुष्चक्र है। जो कमोवेश बाबा वेंगा द्वारा बताये गये 'साइबोर्स' से मिलते-जुलते होंगे।
आदमी को अपना खिलौना बनाने वाली इस तकनीक को चार्ली ब्रोकर द्वारा लिखी कहानी पर बनी वेब-सीरीज 'ब्लैक मिरर' तो इससे आगे की बात बता रही है जिसे आप कोरी कल्पना कह कर खारिज नहीं कर सकते। फिलहाल इसे समझने के लिए आप इस वेब-सीरीज के सीजन-2 के पहले एपिसोड का हिंदी में सिर्फ 11ः39 मिनट का ट्रेलर https://www.youtube.com/watch?v=58bYgkPB2qE पर जाकर जरूर देख लीजिये। जबकि इसके पाँचों सीजन नेटफ्लिक्स पर हिंदी सब-टाइटल्स के साथ उपलब्ध हैं।
तो तैयार रहिये आदमी से साइबोर्स बनाये जाने के लिए !

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