सावधान! कहीं आपके बच्चे को जॉम्बी तो नहीं बनाया जा रहा है!
इन बच्चों को ग़ौर से देखिए और शांत चित्त से सोचिये कि ये किन घरों के बच्चे हैं, क्या है इनकी उम्र? कोई इनको जोशीले नारे लगाने के लिए 300-500/₹ देकर ऐसे जुलूसों में लाता है और फिर हाथों में हथियार थमाकर ऐसी उन्मादी भीड़ का हिस्सा बनाकर भेज देता है, जिसका नेतृत्व सिखा-पढ़ाकर तैयार किये गये विवेकहीन लोग कर रहे होते हैं। जो अपनी 'सौंपी गई जिम्मेदारी' पूरी कर ठीक समय पर मौक़े से खिसक लेते हैं और मारपीट, तोड़फोड़, आगजनी, दंगा-फसाद, हत्या के संगीन मामले दर्ज होते हैं ऐसे कम उम्र मासूमों पर।
इनके घर वालों को तो शायद अंदाजा भी नहीं होगा कि उनके नौनिहाल इतनी कच्ची उम्र में पढ़ना-लिखना छोड़कर शातिर फ़ासिस्टों के हाथ लग चुके हैं।
जबकि वे खुद के अपने बच्चों को समाज में ऊंचा मुकाम हासिल करने के लिए उच्च स्तरीय शिक्षा दिलवा रहे हैं। इसके लिए उन्हें विदेशों के प्रसिद्ध शिक्षण संस्थानों में दाखिला दिलाया गया है। जहां से वे जब पढ़-लिखकर बाहर निकालेंगे तो उनके पास एक अत्यंत महत्वपूर्ण डिग्री और महत्वाकांक्षा होगी, जिसके बल पर वे सरकारी या किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी में उच्च पद प्राप्त कर लेंगे या विधायक-सांसद बनेंगे या फिर अरबों-खरबों रुपए वाला अपना कोई व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलायेंगे। दूसरी तरफ ये बच्चे कहां होंगे?
हम प्रायः पढ़ते-सुनते रहते हैं कि कश्मीरी तथा तालिबानी नेताओं के बच्चे विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने भेज दिये जाते हैं लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि हमारे देश के हिंदू अतिवादी रासस-भाजपाई नेताओं के बच्चे क्या करते हैं?
● कभी सुना कि आडवाणी के घर का कोई बच्चा किसी मस्जिद पर भगवा झंडा लहराता पकड़ा गया?
● आदित्यनाथ के भतीजे-भांजे को इसी तरह हाथ में त्रिशूल-तलवार लहराते जयश्री राम का शोर मचाते किसी ने देखा?
● केशव प्रसाद मौर्य के बेटे को ऐसी उपद्रवी भीड़ में कहीं देखा?
● स्मृति ईरानी, वरुण गांधी, रवि शंकर प्रसाद आदि के बच्चे शाखा जाते हैं क्या?
● सुशील कुमार मोदी के बच्चे ऐसे जुलूसों में क्यों नजर नहीं आते?
● मनोहर लाल खट्टर, वसुंधरा राजे, राम माधव, मोहन भागवत के परिवार से भी कभी कोई बच्चा किसी उग्र प्रदर्शन में नजर आया?
● नरेंद्र मोदी के घर के कितने लोग सड़क पर हिंदूवादी भीड़ में निकलते हैं?
● रमन सिंह के बच्चे बिना किसी हिन्दू आंदोलन से जुड़े सांसद बन जाते हैं।
● विनय कटियार का बेटा क्या किसी उन्मादी भीड़ में था?
● कल्याण सिंह की बहू, बेटी, नाती सब सांसद-विधायक बन गये जो कभी सड़कों पर उतरे ही नहीं।
● क्या कभी राजनाथ सिंह के बेटे ने इसी तरह हाथ में त्रिशूल-तलवार लहराते हुए जुलूस में भाग लिया?
● मुरली मनोहर जोशी की दोनों बेटियां क्या करती हैं?
● अमित शाह के बेटे को आप सब जानते ही हैं।
ऐसे लोगों की बहुत बड़ी लिस्ट है, जिनको आप खुद भी जानते हैं।
सोचिये कि, राजस्थान के न्यायालय भवन पर भगवा झंडा फहराने से लेकर बाबरी मस्जिद के गुम्बद तक चढ़े और मर रहे, गिरफ्तार हो रहे, लाठी और गोली खा रहे नौजवानों में इनके परिवार से कौन था? और आप अपने बच्चों को इनके और इनकी विचारधारा के हाथों इस्तेमाल होने दे रहे हैं।
थोड़ा दिमाग लगाइए, ये सिर्फ यूज़ एंड थ्रो की राजनीति है मितरों, अपने बच्चों को ऐसी भीड़ का हिस्सा बनने से रोकिए! उन्हें इस ज़हर से बचाइये!! रासस-भाजपा कार्यकर्ता बन चुके टीवी को घर से निकाल फैंकिये। उसका रीचार्ज बंद कर अपने घर में उग्रवादी पैदा होने से रोकिये। इनके रीचार्ज और बिजली पर आप अपनी जेब खाली करके उन धनपशुओं की तिजौरियां भर रहे हैं जो सत्ताधारियों को मोटी रकम भेंट चढ़ाकर आपको और देश को लूट रहे हैं।
ध्यान दीजिये अपने बच्चों का, कहीं वे किसी उग्रवादी बर्बर गिरोह के हाथों की कठपुतली तो नहीं बन रहे हैं ! यदि आप सजग नहीं रहे तो ये कल को आपके बच्चे को मानव बम बनाकर अपना मक़सद पूरा कर रहे होंगे। ■
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